ट्रैफिक पुलिस पकड़े तो अपनाएं यह रामबाण उपाय, मगर रखें यह सावधानी भी!

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मैं उस देश का वासी हूँ, जहाँ पर हेलमेट सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि पुलिस से बचने के लिए लगाया जाता है। वैसे तो हम कई परेशानियों के बीच अपना गुजर-बसर करते हैं। मगर साहब सारी परेशानी एक तरफ और ट्रैफिक एवं उससे जुड़े नियम की परेशानी एक तरफ। मतलब अगर देखा जाए तो यह एक ऐसी फिल्म है जिसका हीरो और विलन दोनों ट्रैफिक पुलिस वाले होते हैं। अगर उनको तुम पर दया आ जाए तो एक हरी पत्ती भी काफी है, किन्तु यदि आप उनके दिल और दिमाग पर छा गए तो हुजुर आपकी बड़ी लम्बी कटने वाली है। कहने के मतलब यह है कि आप एक बार यमराज को चकमा दे सकते हो मगर ट्रैफिक पुलिस को कभी नहीं।
मगर इस ज़िम्मेदार देश का एक ज़िम्मेदार नागरिक होने के नाते मेरा नैतिक कर्तव्य है कि आपके सामने कुछ ज़िम्मेदारों वाली बातें करूँ। तो इसी कड़ी में मैं आज आपको बताने वाला हूँ कि आख़िर ट्रैफिक पुलिस पकड़े तो क्या करना चाहिये। वैसे आप मेरा ज्ञान पढ़ो उससे पहले बता दूँ मेरी भी कई बार रसीद कट चुकी है, मगर वो कहते हैं न जला हुआ व्यक्ति ही बता, सकता है आग कैसे लगती है।

गिरगिट बन जाइए


जैसा कि आपने सुना ही होगा दुर्घटना से देर भली। तो इस दुर्घटना से बचने के लिए भी आप धीरज से काम लेें, गाड़ी के कागज, हेलमेट या तीन बैठे हुए कि स्थिति में आपको गिरगिट की तरह सतर्क रहने की आवश्यकता है। यानी गर्दन ऊपर कर दूर तक की स्थिति को भांप लें वहां कोई पुलिस वाले तो नहीं है।

रखें यह सावधानी
मगर कई बार कुछ सिविल ड्रेस में खड़े लोग भी पुलिस की इस मुहीम में उनके सपोटर होते हैं। आपको अपनी पेनी नज़र से उन्हें पहचानना होगा। अगर कोई ऐसी स्थिति दिखे तो तुरंत गाड़ी दुसरे रस्ते पर ले लें।

तीन बैठे होने की स्थिति में


अगर आप तीन बैठे हुए हो और आपकी गाड़ी पुलिस ने पकड़ ली है तो ऐसी स्थिति में आप अपने एक साथी को बीमार बता सकते हैं। हालांकि ऐसा करने के बावजूद भी आपको चालान तो कटवाना होगा मगर हो सकता है कुछ राहत मिल जाए।

रखें यह सावधानी
आप अपने जिस साथी को बीमार बता रहे हो वो बीमार लगना भी चाहिए। और ध्यान रहे जो बिच में बैठा है उसे ही बीमार बताएं पीछे बैठे हुए को नहीं क्योंकि पौराणिक मान्यता है कि बिच में बैठा व्यक्ति ही बीमार होता है।

गाड़ी चलाते वक्त फोन पर बात करने पर
यह चालान आप पर तब ही कट सकता है जब सामने कोई स्मार्ट पुलिस हो। ऐसे समय में आपको बहाने भी स्मार्ट बनाने होंगे। जैसे अगर दिख रहा हो कि पुलिस वाला कम उम्र का है और शादी शुदा है तो उसके सामने आप यह बहाना बना सकते हो बीवी रूठी हुई है और बात किये बिना खाना नहीं खाएगी। चूँकि वो भी घर पर इन्हीं हालातों से गुज़रता है तो वो आपको सस्ते में जाने दे सकता है।

रखें यह सावधानी

मगर इस बहाने में सबसे ज़्यादा रिस्क है क्योंकि हो सकता है वो ड्यूटी बीवी से झगड़ा करके आया हो। ऐसी स्थिति में यह बहाना मामला बिगाड़ सकता है ऐसा होने पर आपको जल्द ही बात बदलनी होगी।

पहचान बताएं
हमारे देश में ज़्यादातर लोग अपनी पहचान से ज़्यादा दूसरों की पहचान से पहचाने जाते हैं। ऐसे में आप पुलिस वाले के सामने भी अपने मामा, फूफा, ताऊ, चाचा की पहचान बता सकते हैं। क्योंकि भारत में रिश्तों से ज़्यादा ताकत और किसी चीज़ में नहीं होती।

मगर रखें यह सावधानी
80% भारतीय की तरह सीधे मोबाइल न निकालें पहले अपने स्तर से मामला निपटाने की कोशिश करने अगर न हो तो प्यार से बातों बातों में अपने रिश्तेदारों की बात निकालें। वरना सिंघम देखी है न “अत्ता माजी सटकली।”

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